याद आ गया फिर मुझे वो गांव अपना, कच्ची मिट्टी के वो घर जिन पर लगी फूस खपरैल की छत याद आ गया फिर मुझे वो गांव अपना, कच्ची मिट्टी के वो घर जिन पर लगी फूस ख...
इन सबके बारें में सोचना मेरा फ़र्ज़ है... इस मिट्टी का मेरे पर कर्ज़ है.... इन सबके बारें में सोचना मेरा फ़र्ज़ है... इस मिट्टी का मेरे पर कर्ज़ है....
मिट्टी के रंग हैं सारे। मर के भी मिट्टी का कर्ज़ चुकाएंगे। मिट्टी के रंग हैं सारे। मर के भी मिट्टी का कर्ज़ चुकाएंगे।
मिट्टी के घरोंदे है,लहरों को भी आना है, ख्बाबों की बस्ती है,एक दिन उजड़ जाना है। मिट्टी के घरोंदे है,लहरों को भी आना है, ख्बाबों की बस्ती है,एक दिन उजड़ जाना ह...
मिट्टी की सोंधी सुगंध से सद्भावों की अलख जगाएँ। मिट्टी की सोंधी सुगंध से सद्भावों की अलख जगाएँ।
अंतर्मन में कोई विद्रोह का बिगुल बजा रहा है तोड़ कर जहांँ भर की बन्दिशें आजाद हो। अंतर्मन में कोई विद्रोह का बिगुल बजा रहा है तोड़ कर जहांँ भर की बन्दिशें आजाद...